लक्षण÷ हाथ, पैर सूख जाते हैं तथा पेट की उल्टी तरफ सूजन आ जाती है और कड़ा हो जाता हैं।
1. घीगवार का पता चीरकर उस पर 10ग्राम नोसाद्र पीसकर लगाएं और धूप में लटका दे। नीचे बर्तन रख दे। उसमे से जो रस निकलेगा उसे सीसी मे भर लें। आधा–आधा चमच दिन में दो बार 2चमच पानी में मिलाकर 20दिन तक लें।
2. ब्थूए का साग बनाकर जिसमे मिर्च मसाला न पढ़ा हो, एक सप्ताह इस्तमाल करने से तिल्ली में बेहद लाभ होता हैं।
3. खाली पेट मूली पत्ते सहित तथा काला नमक खाना तिल्ली के लिए लाभदायक हैं।