लक्षण÷ चक्कर से गिर कर बहोस हो जाना और मुंह से झाग आना, शरीर अकड़ना।
1. अकरकरा 100 ग्राम, पुराना सिरका 100 ग्राम और शहद। पहले अकरकरा को सिरके में खूब घोटे, बाद में शहद मिला दे। 5 ग्राम दवा प्रतिदिन प्रातः काल चटाएं। मिरगी का रोग खत्म हो जाएगा।
2. बच का चूर्ण 1 ग्राम प्रतिदिन शहद के साथ चटाएं, ऊपर से दूध पिलाएं। बहुत पुरानी और घोर मिरगी भी दूर हो जाती हैं।
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