1. प्रातः काल उठकर कुल्ला करके एक गिलास ताजा जल पिए, सूर्योदय से पहले उठे। इससे चित अति प्रसन्न रहता है।
2. रात को किसी तांबे के बर्तन में पानी रख दे। प्रातः काल शौच जाने से पूर्व नित्य उस पानी को पीते रहने से पाखाना खुलकर आता है, कब्ज नहीं रहती।
3. शौच करते वक्त दातों को खूब दबाकर बैठने से दात जीवन भर नहीं हिलते और न ही कभी लकवा रोग की शिकायत होती हैं।
4. हाथ मुंह धोते समय मुंह में एक घूट पानी भरकर आखों पर पानी के छींटे मारें, इससे आखों की रोशनी बड़ जाती हैं।
5. भोजन से पहले हाथ मुंह धोये, पैरो को धोने से जठराग्नि का मुंह खुल जाता हैं तथा भोजन से पूर्व एक गिलास पानी पीएं।